Curriculum 2026–27
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हिंदी (Course B 085)Ch-23 15 min comprehensive revision
NCERT Class 10 Hindi — स्पर्श भाग-2 (पूरक संवर्धन पाठ)

गिरगिट

अंतोन चेख़व की अमर व्यंग्य कथा: कस्बाई चौराहे पर इंस्पेक्टर ओचुमेलाव, सिपाही येल्दिरिन, सुनार ख्रूकिन की लहूलुहान उँगली, सफेद पिल्ला, जनरल झिगालोव व उनके भाई व्लादिमीर का संदर्भ, रसोइया प्रखोर, और ओचुमेलाव का बार-बार ओवरकोट बदलते हुए गिरगिट की तरह 6 बार रंग बदलना।

Quick Key Takeaways:
गिरगिट की तरह रंग बदलना: अवसरवादिता, चाटुकारिता और सत्ता के सम्मुख बदलते न्याय के मापदंड। कहानी का केंद्रीय व्यंग्य प्रशासनिक तंत्र के दोगलेपन पर है।
ओचुमेलाव का दोहरा चरित्र: कमजोर (सुनार ख्रूकिन) पर रौब जमाना और शक्तिशाली (जनरल झिगालोव) के नाम पर तुरंत पाला बदल लेना।
कोट का प्रतीकार्थ: ओचुमेलाव द्वारा बार-बार नया ओवरकोट उतारना और पहनना उसकी आंतरिक घबराहट, अपराध-बोध और गिरगिट की तरह रंग बदलने की प्रवृत्ति का सशक्त दृश्य प्रतीक है।
व्यंग्य का प्रहार: चेख़व ने 19वीं सदी के ज़ारकालीन रूसी समाज की चापलूसी और न्याय के ढोंग पर तीखा प्रहार किया है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
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1. कथानक, बाज़ार का परिवेश एवं ओचुमेलाव का रंग-बदलना

मूल वैचारिक आधार

कस्बे के चौराहे पर ओचुमेलाव का भ्रमण, सुनार ख्रूकिन की उँगली, कुत्ते का पिल्ला और न्याय के बदलते पैंतरे।

कथानक का संक्षिप्त सार एवं मुख्य घटनाक्रम
चौराहे का दृश्य: पुलिस इंस्पेक्टर ओचुमेलाव नया ओवरकोट पहने, हाथ में बंडलों वाला पार्सल लिए और उसके पीछे लाल बालों वाला सिपाही येल्दिरिन (जिसकी टोकरी में ज़ब्त की गई करौंदे की बेरियां हैं) बाज़ार से गुज़र रहे होते हैं।
ख्रूकिन का विलाप: सुनार ख्रूकिन चीखता हुआ एक कुत्ते के पिल्ले को पकड़ने दौड़ता है। पिल्ले ने ख्रूकिन की उँगली काट ली होती है और उसकी उँगली से खून बह रहा होता है। ख्रूकिन मुआवजे की मांग करता है।
रंग 1 (सख्त न्याय का ढोंग): ओचुमेलाव पहले कड़ा रुख अपनाता है—'कुत्ता किसका है? ऐसे आवारा कुत्तों को तुरंत मार देना चाहिए और मालिक पर जुर्माना ठोकना चाहिए!'
रंग 2 (पहला संदेह - जनरल का कुत्ता?): भीड़ में से कोई कहता है कि 'यह शायद जनरल झिगालोव का कुत्ता है।' सुनते ही ओचुमेलाव को पसीना छूट जाता है—'येल्दिरिन, मेरा ओवरकोट उतारो! बड़ी गर्मी लग रही है... ख्रूकिन, तूने ही ज़रूर जलती सिगरेट कुत्ते की नाक पर लगाई होगी!'
रंग 3 (सिपाही का खंडन): सिपाही कहता है—'नहीं, जनरल साहब के पास ऐसे घटिया कुत्ते नहीं हैं।' ओचुमेलाव तुरंत पलटता है—'हाँ! ख्रूकिन ठीक कह रहा है, इस कुत्ते को छोड़ना नहीं चाहिए!'
रंग 4 (जनरल के रसोइये प्रखोर का प्रवेश): प्रखोर आता है और कहता है—'हमारे जनरल साहब के पास ऐसा कुत्ता नहीं है।' ओचुमेलाव फिर कहता है—'देखा, मैंने पहले ही कहा था, यह आवारा कुत्ता है, इसे मार डालो!'
रंग 5 (चरम चापलूसी - व्लादिमीर का पिल्ला): प्रखोर आगे बताता है—'यह जनरल साहब का नहीं, बल्कि उनके भाई व्लादिमीर इवानिच का है, जो कल ही आए हैं।' ओचुमेलाव के चेहरे पर वात्सल्य और चापलूसी छा जाती है—'अरे वाह! जनरल साहब के भाई आए हैं? कितना प्यारा और नन्हा पिल्ला है! प्रखोर, इसे ले जाओ... और ख्रूकिन, तुझे तो मैं बाद में ठीक करूँगा!'
भीड़ की हँसी: पूरी भीड़ ख्रूकिन पर हँसती है और ओचुमेलाव अपना ओवरकोट लपेटते हुए बाज़ार से आगे बढ़ जाता है।
📊 गिरगिट: इंस्पेक्टर ओचुमेलाव के 6 बार रंग बदलने का मनोवैज्ञानिक प्रवाहVisual Model

आम नागरिक के कुत्ते से लेकर जनरल झिगालोव के भाई के पिल्ले तक ओचुमेलाव के बदलते बयानों और कोट उतारने/पहनने का संपूर्ण चक्र।

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2. चरित्र-चित्रण, प्रतीक योजना व व्यंग्य-शिल्प

सप्रसंग व्याख्या व शिल्प

ओचुमेलाव, ख्रूकिन, प्रखोर के चरित्र की सूक्ष्मताएं और 'ओवरकोट' का प्रतीकात्मक महत्व।

प्रमुख पात्रों की चारित्रिक विशेषताएं
इंस्पेक्टर ओचुमेलाव: चाटुकार, रीढ़विहीन, डरपोक, अवसरवादी और सत्तालोलुप। पद और वर्दी का दुरुपयोग कर कमजोरों पर धौंस जमाता है और उच्चाधिकारियों के सामने दुम हिलाता है।
सुनार ख्रूकिन: अवसरवादी और धूर्त नागरिक। उसने शराब के नशे में पिल्ले को सताया और उँगली कटने पर कानून का सहारा लेकर मुआवजा ऐंठना चाहा।
सिपाही येल्दिरिन: आज्ञाकारी किंतु संवेदनहीन प्रशासनिक मशीनरी का प्रतीक, जो ओचुमेलाव के हर बदलते रुख पर कोट पकड़ता और पहनाता है।
रसोइया प्रखोर: जनरल के परिवार की स्थिति से भलीभांति परिचित और सच्चाई को एक झटके में उजागर करने वाला पात्र।
'ओवरकोट' का प्रतीकात्मक सौंदर्य
ओचुमेलाव का बार-बार ओवरकोट उतारना और पहनना केवल मौसम (गर्मी/सर्दी) का प्रभाव नहीं है, बल्कि उसके अंतर्मन के भय, संकोच, घबराहट और गिरगिट की तरह पैंतरा बदलने का मनोवैज्ञानिक प्रतीक है।
जब भी उसे सत्ता के प्रकोप का डर लगता है, उसे 'गर्मी' लगती है (कोट उतारता है); और जब वह अपनी चापलूसी को छुपाना चाहता है, तो उसे 'सर्दी' लगती है (कोट पहनता है)।
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3. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा मॉडल प्रश्नोत्तर (3-अंक व 5-अंक)

आदर्श मॉडल उत्तर

मानक 30-40 शब्द व 100-120 शब्द वाले विश्लेषणात्मक व मूल्यपरक बोर्ड प्रश्नोत्तर।

3-अंक प्रश्न: कहानी का शीर्षक 'गिरगिट' किस दृष्टि से सर्वथा उपयुक्त और सार्थक है?
1. लाक्षणिक सार्थकता: गिरगिट अपनी सुरक्षा और परिस्थिति के अनुसार रंग बदलता है। यहाँ ओचुमेलाव भी कुत्ते के मालिक की पहचान बदलते ही न्याय का रुख और अपना बयान 6 बार बदलता है।
2. प्रशासनिक दोगलेपन पर प्रहार: शीर्षक व्यक्ति की अवसरवादिता, रीढ़विहीनता और चाटुकारिता को प्रतीकात्मक रूप से उजागर करता है।
3. व्यंग्य की तीक्ष्णता: कहानी का पूरा कथानक ओचुमेलाव के रंग बदलने पर ही केंद्रित है, अतः शीर्षक अत्यंत सटीक और प्रभावशाली है।
5-अंक प्रश्न: 'गिरगिट' कहानी के माध्यम से अंतोन चेख़व ने न्याय व्यवस्था और समाज की किस विडंबना पर प्रहार किया है? वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
1. न्याय में पक्षपात: न्याय का तराजू सत्य और प्रमाण के आधार पर नहीं, बल्कि व्यक्ति के पद, धन और सामाजिक रसूख के आधार पर झुकता है।
2. चाटुकारिता की पराकाष्ठा: सत्ताधारी वर्ग के रिश्तेदारों और पालतू जानवरों तक को आम इंसानों से अधिक सम्मान और संरक्षण मिलता है।
3. कमजोरों का दमन: जब तक कुत्ता लावारिस समझा गया, तब तक कानून ख्रूकिन के साथ था; जैसे ही वह जनरल के परिवार का निकला, पीड़ित ख्रूकिन ही दोषी बना दिया गया।
4. वर्तमान प्रासंगिकता: आज भी प्रशासनिक तंत्र में चमचागिरी, सिफारिश और भ्रष्टाचार मौजूद है। यह कहानी हमें न्याय की निष्पक्षता और मानवीय मूल्यों की रक्षा की प्रेरणा देती है।
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4. संदर्भ-सहित गद्यांश अभ्यास (RTC Drill): ओचुमेलाव का रंग बदलना

गद्यांश बोध

मूल पाठ के नाटकीय संवादों पर आधारित विश्लेषणात्मक प्रश्न।

मूल उद्धरण: प्रखोर का बयान और ओचुमेलाव की प्रतिक्रिया
'यह उनका तो नहीं है,' प्रखोर ने आगे कहा, 'यह उनके भाई व्लादिमीर इवानिच का है, जो कल ही पधारे हैं।' 'क्या? जनरल साहब के भाई आए हैं? व्लादिमीर इवानिच?' ओचुमेलाव चीखा और उसका सारा चेहरा आत्मीयता और वात्सल्य की मुस्कान से खिल उठा। 'अरे वाह! मुझे तो मालूम भी नहीं था... और यह उनका कुत्ता है? कितना प्यारा नन्हा सा जीव है!'
प्रश्न 1: प्रखोर के यह कहने पर कि कुत्ता जनरल के भाई का है, ओचुमेलाव के व्यवहार में क्या आश्चर्यजनक परिवर्तन आया? \rightarrow ओचुमेलाव का चेहरा तुरंत चापलूसी और वात्सल्य की मुस्कान से खिल उठा और जिस कुत्ते को वह कुछ क्षण पहले 'मरियल और आवारा' कह रहा था, उसे 'प्यारा नन्हा सा जीव' कहने लगा।
प्रश्न 2: ओचुमेलाव का यह आचरण समाज के किस वर्ग की मानसिकता को दर्शाता है? \rightarrow यह आचरण अवसरवादी, चापलूस और सत्तालोलुप प्रशासनिक अधिकारियों की मानसिकता को दर्शाता है, जो बड़े लोगों के आगे नतमस्तक रहते हैं।
प्रश्न 3: इस उद्धरण में प्रयुक्त मुख्य शिल्पगत विशेषता क्या है? \rightarrow तीखा व्यंग्य (Satire), नाटकीयता और संवाद-शैली
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5. सीबीएसई परीक्षक अंकन योजना, साहित्यिक शब्दावली व वर्तनी सावधानियां

बोर्ड परीक्षा महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर व अंकन योजना

बोर्ड परीक्षा अंकन निर्देश, महत्वपूर्ण शब्दार्थ, काव्य सौंदर्य एवं सटीक उत्तर लेखन के महत्वपूर्ण सुझाव।

चरणबद्ध अंकन योजना व मानक प्रस्तुति
1 अंक: ओचुमेलाव के पद (पुलिस इंस्पेक्टर) और बाज़ार के दृश्य का उल्लेख।
2 अंक: ख्रूकिन की उँगली और कुत्ते के पिल्ले पर ओचुमेलाव के बदलते बयानों का तार्किक विश्लेषण।
1 अंक: ओवरकोट उतारने/पहनने के प्रतीकात्मक और मनोवैज्ञानिक अर्थ की व्याख्या।
1 अंक: चाटुकारिता, सत्तालोलुपता और 'गिरगिट' शीर्षक की सार्थकता का स्पष्ट निष्कर्ष।
साहित्यिक शब्दावली व वर्तनी सावधानियां
सटीक शब्दावली: 'अवसरवादिता', 'चाटुकारिता', 'रीढ़विहीनता', 'प्रतीकात्मकता', 'दोगलापन', 'सत्तालोलुप'।
पात्रों के नाम की सही वर्तनी: ओचुमेलाव (Ochumelov), ख्रूकिन (Khryukin), येल्दिरिन (Yeldirin), जनरल झिगालोव (Zhigalov), प्रखोर (Prokhor)।
Trap: ओचुमेलाव को दयालु या ख्रूकिन को पूरी तरह निर्दोष न समझें; दोनों के चरित्र में कमियां हैं।
Authentic Board Question (3 Marks)Topic: गिरगिट चरित्र-चित्रण व सामाजिक सरोकार
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के अनुसार 'गिरगिट' पाठ में लेखक द्वारा प्रस्तुत मुख्य सामाजिक संदेश एवं चरित्र की विशेषताओं का विश्लेषण कीजिए।

Official CBSE Step-by-Step Marking Breakdown:

चरण 1: संदर्भ व पात्र की मनोदशा (Context & Character Analysis): घटना का सटीक संदर्भ तथा मुख्य पात्र के स्वभाव, अंतर्द्वंद्व व आचरण का यथार्थवादी विश्लेषण।
1 अंक
चरण 2: सामाजिक विडंबना व सरोकार (Social Theme & Narrative): पाठ में उठाई गई सामाजिक समस्या, रूढ़िवादिता या मानवीय संवेदना का स्पष्टीकरण।
1 अंक
चरण 3: निष्कर्ष व भाषा-शैली (Conclusion & Register): शुद्ध मुहावरेदार भाषा, सटीक शब्दावली एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि का निरूपण।
1 अंक
Model Student Answer (Target: Full 3/3 Marks):
'गिरगिट' के 3-अंकीय प्रश्न के लिए आदर्श उत्तर प्रस्तुति:

1. पात्र व परिस्थिति का संदर्भ: पाठ की मुख्य घटना के आलोक में संबंधित पात्र की संवेदनाओं और निर्णयों को रेखांकित करें।
2. सामाजिक संदेश: लेखक समाज की किस विडंबना, पाखंड अथवा आदर्श को उजागर करना चाहते हैं, उसे स्पष्ट करें।
3. निष्कर्ष: पाठ के मूल उद्देश्य को संक्षेप में सारगर्भित रूप में प्रस्तुत करें।
Examiner Mark Deduction Traps:
केवल कहानी का सारांश न लिखें; परीक्षक पात्र की मानसिकता और लेखक के व्यंग्य/संदेश पर अंक देते हैं।
उत्तर को 3 स्पष्ट अनुच्छेदों में प्रस्तुत करें।

High-Frequency Conceptual Doubts & FAQs

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