Curriculum 2026–27
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हिंदी (Course A & Course B)Ch-33 15 min comprehensive revision
NCERT Class 10 Hindi — पाठ 33

कारतूस (हबीब तनवीर)

हबीब तनवीर का ऐतिहासिक एकांकी नाटक: सन् 1799 का अवध, गोरखपुर के घने जंगलों में कर्नल कालिंज और लेफ्टिनेंट का खेमा, वज़ीर अली को पकड़ने की असफल कोशिश, वज़ीर अली का अदम्य साहस और देशभक्ति, अकेले अंग्रेजों के खेमे में सवार बनकर घुसना, कर्नल से 10 कारतूस हासिल करना, अपना वास्तविक नाम बताकर सुरक्षित निकल जाना, और कर्नल का हतप्रभ होकर उसे 'एक जांबाज सिपाही' कहना।

Quick Key Takeaways:
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: सन् 1799, अवध की नवाबी का संघर्ष। ईस्ट इंडिया कंपनी ने नवाब आसिफुद्दौला के भाई सआदत अली को तख्त पर बिठाया (क्योंकि वह अंग्रेजों का चापलूस और ऐशपसंद था; उसने आधी रियासत और 10 लाख रुपये सालाना अंग्रेजों को सौंप दिए)।
वज़ीर अली का अंग्रेजों से संघर्ष: आसिफुद्दौला के पुत्र वज़ीर अली को केवल 5 महीने में अवध के तख्त से हटाकर बनारस भेज दिया गया। जब कंपनी के वकील ने वज़ीर अली को कलकत्ता तलब किया और उसका अपमान किया, तो स्वाभिमानी वज़ीर अली ने खंजर से वकील का काम तमाम कर दिया और गोरखपुर के जंगलों में भाग गया।
वज़ीर अली का राष्ट्रीय दृष्टिकोण: वह केवल अवध वापस नहीं पाना चाहता था, बल्कि वह अफगानिस्तान के शाह ज़मां को भारत पर आक्रमण करने का न्योता देकर और टीपू सुल्तान तथा बंगाल के नवाब शम्सुद्दौला के साथ मिलकर अंग्रेजों को समूचे भारत से खदेड़ना चाहता था
खेमे का रोमांचक क्लाइमेक्स: धूल उड़ाता हुआ एक अकेला घुड़सवार कर्नल के खेमे में दाखिल हुआ। उसने कर्नल से एकांत मांगा और कहा कि वह वज़ीर अली को गिरफ्तार करने में मदद करेगा, इसके लिए उसे 10 कारतूस चाहिए। कर्नल ने खुशी-खुशी 10 कारतूस दे दिए। जब कर्नल ने उसका नाम पूछा, तो उसने निडर होकर कहा — 'वज़ीर अली! आपने मुझे कारतूस दिए, इसलिए मैं आपकी जान बख्शता हूँ!' और बिजली की गति से उड़ गया।
कर्नल की स्तब्धता: कर्नल हक्का-बक्का रह गया। जब लेफ्टिनेंट ने पूछा कि 'वह घुड़सवार कौन था?', तो कर्नल के मुंह से अनायास निकला — 'एक जाँबाज़ सिपाही!'
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1. 1799 का अवध संघर्ष, सआदत अली की गद्दारी व वज़ीर अली का विद्रोह

मूल वैचारिक आधार

पाठ का विस्तृत कथानक, केंद्रीय विचार, भाषा-शिल्प तथा कारतूस (हबीब तनवीर) की रूपरेखा।

वज़ीर अली का राष्ट्रीय मंसूबा व वकील की हत्या
कंपनी का चापलूस सआदत अली: सआदत अली ने अपनी गद्दी सुरक्षित रखने के लिए अंग्रेजों को अपनी आधी दौलत और संपत्ति सौंप दी थी।
वकील की हत्या का प्रसंग: वज़ीर अली जब अंग्रेजों के वकील से पेंशन की शिकायत करने गया, तो वकील ने उसकी मदद करने के बजाय उसे खरी-खोटी सुनाई। वज़ीर अली ने तुरंत अपनी तलवार/खंजर से उस अंग्रेज वकील को वहीं ढेर कर दिया।
📊 कारतूस: वज़ीर अली का अदम्य साहस व देशभक्तिVisual Model
कारतूस: वज़ीर अली का अदम्य साहस व देशभक्ति
लेफ्टिनेंट व कर्नल की चिंता
गोरखपुर के जंगलों में कर्नल कालिंज का खेमा
वज़ीर अली का अंग्रेजों की पकड़ से बाहर रहना और जांबाजी के किस्से
अवध के तख्त से वज़ीर अली को हटाकर सआदत अली को बिठाने का षड्यंत्र
एकाकी सवार का शौर्य
वज़ीर अली का अकेले कर्नल के खेमे में घुस जाना
कर्नल से 10 कारतूस प्राप्त करना और अपना वास्तविक नाम बताना
कर्नल का उसकी निडरता और जांबाजी पर दंग रह जाना
हबीब तनवीर का संदेश: सच्चा देशभक्त जान की बाजी लगाकर भी मातृभूमि की स्वतंत्रता और आत्म-सम्मान की रक्षा करता है

सन् 1799 का अवध संघर्ष, सआदत अली की गद्दारी, वकील की हत्या, अंग्रेजी खेमे में घुसकर 10 कारतूस छीनना, और कर्नल की स्तब्धता का वैचारिक ढाँचा।

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2. अंग्रेजी खेमे में घुसपैठ, 10 कारतूसों की प्राप्ति व जांबाज सिपाही

सप्रसंग व्याख्या व शिल्प

काव्यांश/गद्यांश का सप्रसंग भावार्थ, शब्दार्थ, काव्य-सौंदर्य, रस, छंद व व्याकरणिक विश्लेषण।

नाटकीय चरमोत्कर्ष व कर्नल का विस्मय
शेर की मांद में प्रवेश: वज़ीर अली को पकड़ने के लिए पूरी ब्रिटिश फौज गोरखपुर के जंगलों में हफ्तों से डेरा डाले थी, किंतु वज़ीर अली उन्हीं के खेमे में घुसकर कारतूस छीन ले गया।
कर्नल की प्रशंसा: कर्नल कालिंज शत्रु होकर भी वज़ीर अली के अदम्य साहस, निर्भीकता और देशभक्ति का कायल हो गया।
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3. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा उच्च-अंक प्रश्नोत्तर (3-अंक व 5-अंक)

आदर्श मॉडल उत्तर

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के मानक 30-40 शब्द व 100-120 शब्द वाले दीर्घ उत्तरीय आदर्श उत्तर।

3-अंक लघु उत्तरीय प्रश्न: वज़ीर अली कौन था? उसने ईस्ट इंडिया कंपनी के वकील की हत्या क्यों की थी?
1. वज़ीर अली का परिचय: वज़ीर अली अवध के नवाब आसिफुद्दौला का पुत्र और एक अत्यंत साहसी, देशभक्त और स्वाभिमानी जांबाज सिपाही था, जिसे अंग्रेजों ने षड्यंत्र करके अवध के तख्त से बेदखल कर दिया था।
2. वकील की हत्या का कारण: जब वज़ीर अली को बनारस भेज दिया गया और बाद में गवर्नर जनरल ने उसे कलकत्ता तलब किया, तो वह बनारस में कंपनी के वकील के पास अपनी शिकायत दर्ज कराने गया।
3. वकील की धृष्टता व वज़ीर अली का स्वाभिमान: वकील ने वज़ीर अली की शिकायत सुनने के बजाय उसे अपमानित किया और अपशब्द कहे। अपने स्वाभिमान पर चोट लगते ही वज़ीर अली ने आव देखा न ताव, अपनी म्यान से खंजर निकाला और उस अंग्रेज वकील को वहीं मौत के घाट उतार दिया।
5-अंक दीर्घ उत्तरीय / मूल्यपरक प्रश्न: (a) 'कारतूस' एकांकी के आधार पर वज़ीर अली के चरित्र की चार प्रमुख विशेषताएं सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
(b) कर्नल कालिंज के खेमे में घुसकर वज़ीर अली ने कारतूस कैसे हासिल किए? इस घटना से उसकी किस योग्यता का पता चलता है?
Part (a) वज़ीर अली की चारित्रिक विशेषताएं:
1. अदम्य साहसी व निर्भीक: वह अकेले ही अंग्रेजों की विशाल छावनी में घुस जाता है और कर्नल से आंखें मिलाकर बात करता है।
2. सच्चा देशभक्त: उसका एकमात्र लक्ष्य अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना और अपनी मातृभूमि को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराना था।
3. स्वाभिमानी: वह अंग्रेजों या उनके चापलूसों द्वारा किया गया कोई भी अपमान बर्दाश्त नहीं करता था (वकील की हत्या इसका प्रमाण है)।
4. कूटनीतिक व युद्ध-कुशल: उसने अफगानिस्तान के शाह ज़मां, टीपू सुल्तान और बंगाल के नवाब के साथ मिलकर एक व्यापक राष्ट्रव्यापी ब्रिटिश-विरोधी मोर्चा तैयार करने की योजना बनाई थी।
Part (b) कारतूस हासिल करने की नाटकीय घटना:
- वज़ीर अली एक अज्ञात घुड़सवार बनकर कर्नल के खेमे में पहुंचा। उसने कर्नल को विश्वास दिलाया कि वह भी वज़ीर अली को पकड़वाना चाहता है।
- उसने बहाना बनाकर कर्नल से 10 कारतूस मांग लिए।
- कारतूस हाथ में आते ही उसने कर्नल को अपना वास्तविक परिचय दिया और कर्नल की जान बख्शकर तेजी से घोड़े पर सवार होकर गायब हो गया।
- इससे उसकी असाधारण बुद्धिमत्ता, प्रत्युत्पन्नमतित्व (Quick-Wittedness), अद्भुत आत्मविश्वास और निडरता का पता चलता है।
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4. संदर्भ-सहित काव्यांश/गद्यांश अभ्यास (RTC Drill): कर्नल के खेमे में वज़ीर अली का प्रवेश (RTC Drill)

काव्यांश/गद्यांश बोध

मूल पाठ से उद्धृत काव्यांश/गद्यांश पर आधारित विश्लेषणात्मक बहुविकल्पीय व वर्णनात्मक प्रश्न।

मूल उद्धरण: कर्नल के खेमे में वज़ीर अली का प्रवेश (RTC Drill)
सवार ने कर्नल की तरफ़ देखा और एकांत चाहा। कर्नल ने सिपाहियों को बाहर जाने का इशारा किया। जब दोनों अकेले रह गए, तो सवार ने कहा, 'आपने इस मुक़ाम पर क्यों खेमा डाला है? इतनी फ़ौज क्यों जमा कर रखी है?' कर्नल ने कहा, 'कंपनी का हुक्म है कि वज़ीर अली को गिरफ़्तार किया जाए।' सवार ने कहा, 'वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है साहब! वह एक जाँबाज़ सिपाही है।' कर्नल ने पूछा, 'तुम कौन हो?' सवार ने अपनी जेब में कारतूस रखते हुए कहा, 'वज़ीर अली! आपने मुझे कारतूस दिए, इसलिए आपकी जान बख्शता हूँ।' और वह घोड़े पर सवार होकर नज़रों से ओझल हो गया।
प्रश्न 1: सवार ने कर्नल से एकांत क्यों मांगा था? \rightarrow ताकि वह बिना किसी सिपाही के हस्तक्षेप के कर्नल से सीधे बात कर सके और सुरक्षित रूप से कारतूस हासिल कर सके।
प्रश्न 2: वज़ीर अली ने कर्नल की जान क्यों बख्श दी? \rightarrow क्योंकि कर्नल ने अनजाने में ही सही, वज़ीर अली को 10 कारतूस दिए थे; वज़ीर अली ने इस उपकार के बदले कर्नल की जान बख्श दी।
प्रश्न 3: इस एकांकी नाटक के लेखक कौन हैं और कर्नल ने वज़ीर अली को क्या कहा? \rightarrow लेखक: हबीब तनवीर; कर्नल ने उसे स्तब्ध होकर 'एक जाँबाज़ सिपाही' कहा।
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5. सीबीएसई परीक्षक अंकन योजना, साहित्यिक शब्दावली व वर्तनी सावधानियां

बोर्ड परीक्षा महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर व अंकन योजना

बोर्ड परीक्षा अंकन निर्देश, महत्वपूर्ण शब्दार्थ, काव्य सौंदर्य एवं सटीक उत्तर लेखन के महत्वपूर्ण सुझाव।

चरणबद्ध अंकन योजना व मानक प्रस्तुति
1 अंक: सन् 1799 के अवध संघर्ष और सआदत अली की गद्दारी का उल्लेख।
2 Marks: वज़ीर अली के राष्ट्रीय दृष्टिकोण, वकील की हत्या और साहसिक चरित्र का विश्लेषण।
1 अंक: कर्नल के खेमे में घुसकर 10 कारतूस हासिल करने के नाटकीय क्लाइमेक्स का चित्रण।
1 अंक: एकांकी विधा, संवाद-शैली और 'जांबाज सिपाही' कथन का निरूपण।
सामान्य वर्तनी त्रुटियां व सावधानियां
Trap 1: वज़ीर अली को साधारण डाकू समझना (वह अवध का स्वाभिमानी देशभक्त नवाब था)।
Trap 2: सआदत अली और आसिफुद्दौला के रिश्ते में भ्रमित होना (सआदत अली आसिफुद्दौला का भाई और वज़ीर अली का चाचा था)।
Trap 3: कारतूस मांगने की संख्या भूलना (उसने 10 कारतूस मांगे थे)।
Authentic Board Question (3 Marks)Topic: कारतूस (हबीब तनवीर) चरित्र-चित्रण व सामाजिक सरोकार
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के अनुसार 'कारतूस (हबीब तनवीर)' पाठ में लेखक द्वारा प्रस्तुत मुख्य सामाजिक संदेश एवं चरित्र की विशेषताओं का विश्लेषण कीजिए।

Official CBSE Step-by-Step Marking Breakdown:

चरण 1: संदर्भ व पात्र की मनोदशा (Context & Character Analysis): घटना का सटीक संदर्भ तथा मुख्य पात्र के स्वभाव, अंतर्द्वंद्व व आचरण का यथार्थवादी विश्लेषण।
1 अंक
चरण 2: सामाजिक विडंबना व सरोकार (Social Theme & Narrative): पाठ में उठाई गई सामाजिक समस्या, रूढ़िवादिता या मानवीय संवेदना का स्पष्टीकरण।
1 अंक
चरण 3: निष्कर्ष व भाषा-शैली (Conclusion & Register): शुद्ध मुहावरेदार भाषा, सटीक शब्दावली एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि का निरूपण।
1 अंक
Model Student Answer (Target: Full 3/3 Marks):
'कारतूस (हबीब तनवीर)' के 3-अंकीय प्रश्न के लिए आदर्श उत्तर प्रस्तुति:

1. पात्र व परिस्थिति का संदर्भ: पाठ की मुख्य घटना के आलोक में संबंधित पात्र की संवेदनाओं और निर्णयों को रेखांकित करें।
2. सामाजिक संदेश: लेखक समाज की किस विडंबना, पाखंड अथवा आदर्श को उजागर करना चाहते हैं, उसे स्पष्ट करें।
3. निष्कर्ष: पाठ के मूल उद्देश्य को संक्षेप में सारगर्भित रूप में प्रस्तुत करें।
Examiner Mark Deduction Traps:
केवल कहानी का सारांश न लिखें; परीक्षक पात्र की मानसिकता और लेखक के व्यंग्य/संदेश पर अंक देते हैं।
उत्तर को 3 स्पष्ट अनुच्छेदों में प्रस्तुत करें।

High-Frequency Conceptual Doubts & FAQs

Curated answers to the most common questions asked by Class 10 students.
वज़ीर अली अवध का नवाब था जिसे अंग्रेजों ने गद्दी से हटाकर बनारस भेज दिया था। उसकी योजना थी कि वह अफगानिस्तान के शासक शाहे-ज़माँ को भारत पर आक्रमण के लिए आमंत्रित करे, टीपू सुल्तान व बंगाल के नवाब से हाथ मिलाए और अंग्रेजों को भारत से खदेड़कर अवध पर पुनः अधिकार करे।

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